भारत का गौरवशाली इतिहास 112 जाति व्यवस्था

*भारत का गौरवशाली इतिहास 113* जाति व्यवस्था 

🚩सम्राट शांतनु ने विवाह किया एक मछवारे की पुत्री सत्यवती से।उनका बेटा ही राजा बने इसलिए भीष्म ने विवाह न करके,आजीवन संतानहीन रहने की भीष्म प्रतिज्ञा की। सत्यवती के बेटे बाद में क्षत्रिय बन गए, जिनके लिए भीष्म आजीवन अविवाहित रहे, क्या उनका शोषण होता होगा?
         🚩महाभारत लिखने वाले वेद व्यास भी मछवारे थे, पर महर्षि बन गए, गुरुकुल चलाते थे वो। विदुर, जिन्हें महा पंडित कहा जाता है वो एक दासी के पुत्र थे, हस्तिनापुर के महामंत्री बने, उनकी लिखी हुई विदुर नीति, राजनीति का एक महाग्रन्थ है। भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया।
       🚩श्रीकृष्ण राजकुल में जन्मे किंतु गोपालक राजा नंद के परिवार में उनका लालन-पालन हुआ।  उनके भाई बलराम खेती करते थे, हमेशा हल साथ रखते थे। यदुवंशी क्षत्रिय रहे हैं, कई प्रान्तों पर शासन किया और श्रीकृष्ण सबके पूजनीय हैं, गीता जैसा ग्रन्थ विश्व को दिया, तो आज यादव पिछड़े कैसे हो गये??
       🚩राम के साथ वनवासी निषादराज गुरुकुल में पढ़ते थे।उनके पुत्र लव कुश महर्षि वाल्मीकि के गुरुकुल में पढ़े जो वनवासी थे...
स्वयं श्री राम ने वनवासिनी शबरी के जूठे बेर खाए थे... तो इसमें जातिभेद कहाँ है...
         तो ये हो गयी वैदिक काल की बात, स्पष्ट है कोई किसी का शोषण नहीं करता था,सबको शिक्षा का अधिकार था, कोई भी पद तक पहुंच सकता था अपनी योग्यता के अनुसार। 🚩वर्ण सिर्फ काम के आधार पर थे वो बदले जा सकते थे, जिसको आज इकोनॉमिक्स में डिवीज़न ऑफ़ लेबर कहते हैं वो ही। क्रमश

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