भारत का गौरवशाली इतिहास - 55 दशहरा का अर्थ

भारत का गौरवशाली इतिहास - 55 

*दशहरा,* --  मूलतः एक संस्कृत शब्द है, इसका तात्पर्य अपने अंदर स्थित दस प्रकार के निम्न दुर्गुणों को हरा कर ही हम विजय दशमी मना सकते है।

*1- अहंकार , 2- अमानवता,  3- अन्याय , 4- कामवासना,  5- क्रोध ,* 
*6- लोभ,7- मद, 8- ईर्ष्या, 9- मोह, 10- स्वार्थ ।* 
रामायण इन्हीं दुर्गुणों पर सद्गुणों की विजय का उदाहरण है वर्ना
*राजा* राम थे तो, रावण भी *राजा* था।
 *परमवीर* राम थे तो, रावण भी *महाबली* था। 
*ज्ञानी* राम थे तो, *महाज्ञानी* रावण भी था।
 *सन्यासी* राम बने तो, *संयमी* रावण भी रहा। 
*पति धर्म* राम ने पूरा किया तो, *भ्राता धर्म* रावण ने पूर्ण किया। 
पिता को दिया *वचन* राम ने निभाया तो, बहन को दिया *वचन* रावण ने भी निभाया। 
*सत्य* राम थे तो *झूठा* रावण भी *नहीं* था। 🏹 

*फिर युद्ध क्यों?*  🏹 राम की *जीत* और रावण की *हार* क्यों?   

🚩 *यह युद्ध था...* 🏴 
*ज्ञान* और *महाज्ञान* के *सही-गलत उपयोग* का। 
*सत्य* से ऊपर *अति आत्मविश्वास* का। 
परिजन की *सलाह नकारने* का। 
*मर्यादा पुरुषोत्तम* राम और *मतिभ्रम दशानन* रावण का। 
*राम नीति* और *रावण प्रवृत्ति* का। 
*त्यागी* राम और *अहंकारी* रावण का। 

*🙏आइये इस दशहरे पर देश, समाज और अपने अंदर के राम-रावण को पहचाने !* *ज्ञान और बल के सही-गलत उपयोग को जाने !* *सत्य और अहंकार के भेद को पहचाने !*🚩 

*🙏आप को  सपरिवार  विजयदशमी की शुभकामनाएं🚩*

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