भारत का गौरवशाली इतिहास - 31

भारत का गौरवशाली इतिहास - 31

*पर्यावरण संरक्षण के लिए 363 लोगो के बलिदान की प्रेरक घटना !*
              पेड़ों को बचाने की खातिर अपने जीवन का बलिदान देने वाली "पूज्यनीय अमृता देवी बिश्नोई" एवं  363 अन्य बिश्नोई बलिदानियों को सादर नमन.  1787 में आज के ही दिन राजस्थान के जोधपुर जिले के "खेजलड़ी" गांव की महिला "अमृता देवी बिश्नोई" एवं 363 अन्य बिश्नोइयो ने पेड़ों को बचाने की खातिर अपना बलिदान दिया था. 
             सन 1787 में राजस्थान के मारवाड़ (आज का जेसलमेर और जोधपुर) में राणा अभयसिंह का राज था. वो अपने महरान गढ़ किले में "फूल महल" नाम से एक अलग से महल बनवा रहे थे. इसके लिए उनको लकडियो की जरुरत पड़ी उन्होंने अपने मंत्री गिरधारी दास भंडारी को सेना और लकड़हारे देकर किले से 24 किलोमीटर दूर खेजड़ली गाँव भेजा.
           यह घटना 12 सितम्बर 1787 की है. जब राजा के आदेश पर राजा के सैनिको के संरक्षण में लकड़हारे  "खेजलड़ी" गांव  के समीप जंगल को काटने पहुंचे . जब विश्नोई समाज की महिला "अमृता देवी बिश्नोई" ने यह देखा तो वह पेड़ को बचाने की खातिर पेड़ से चिपक कर खड़ी हो गई.  जैसा कि हम सभी जानते हैं कि विश्नोई समाज प्रकृति की पूजा करता है. 
          मगर राजा के आदेश पर सैनिक ने उनकी गर्दन धड़ से उड़ा दी. इसे देखकर आसपास के अन्य लोग भी पेड़ों से चिपक गए थे. लेकिन राजा के सैनिको ने 363 लोगों का भी क़त्ल कर दिया. पर्यावरण की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाला ऐसा उदाहरण दुनिया में इसके अलावा कोई नहीं. सभी पर्यावरण प्रेमियों को यह दिवस बहुत ही श्रद्धा के साथ मनाना चाहिए.  
           इसी घटना से प्रेरित होकर पिछली सदी में "गौरा देवी", "चंडी प्रसाद भट्ट" और "सुंदरलाल बहुगुणा" उत्तराखंड में  "चिपको आंदोलन" को उत्तराखंड में खड़ा किया था. हम सभी को इस दिन कम से कम एक पेड़ का पौधा अवश्य लगाना चाहिए.
         यह पोस्ट  डालने का उद्देश्य केवल यही है कि - आप समय निकाल कर किसी पर्यावरण को बचाने में लगी संस्था से जुड़कर अनेकों काम कर सके जैसे आप सभी के लिए एक एक पौधे की व्यवस्था कर , जो लोग स्वयं पौधा नहीं लगा सकते उनको अन्य लोगो को पौधे भेंट करके तथा लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड दान करके आदि । सदा याद रखिए ! पेड़ हम सभी के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.-- नवीन वर्मा #hariawalpunjab

Popular posts from this blog

*विद्यार्थियों को हनुमानजी जी से क्या-क्या सीखना चाहिए ?-10*

सम्राट पृथ्वी राज चौहान

गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर हार्दिक शुभकामनाये